तृतीय भाव: निकट परिवेश, सीखना, वाणी

मिथुन · पतनशील भाव

स्वाभाविक राशि
मिथुन
स्वामी
बुध
भाव का प्रकार
पतनशील भाव
अक्ष
3 / 9

भाव किसका विषय है

तीसरा भाव सबसे निकट का घेरा और सबसे छोटी दूरियाँ है: भाई-बहन, पड़ोसी, रोज़ की आवाजाही, विद्यालय, पत्राचार और बोलने का ढंग। यहाँ गहराई नहीं, बल्कि गति और मात्रा मायने रखती है: व्यक्ति कितने संपर्क सँभालता है और कितनी तेज़ी से उनमें बदलता है।

कुंडली में इसे कैसे पढ़ें

बुध और तीसरे भाव का स्वामी सोच और वाणी की शैली बताते हैं। तीसरे भाव के ग्रह बताते हैं कि रोज़ का संवाद किससे भरा है, और शनि यहाँ अक्सर भाषा को काम के रूप में दिखाता है, बाधा के रूप में नहीं। बुध पर दृष्टियाँ भी देखें: वे स्वयं भाव से अधिक सुनाई देती हैं।

भाव का अक्ष

अक्ष 3-9 «आँकड़े और अर्थ» है। तीसरा भाव तथ्य जुटाता है, नौवाँ उनसे संसार की तस्वीर बनाता है। नौवें के बिना मजबूत तीसरा जानकारी देता है निष्कर्ष नहीं, तीसरे के बिना मजबूत नौवाँ बिना जाँच की धारणाएँ।

पढ़ने की सामान्य भूलें

तीसरे भाव को आपोक्लिम होने के कारण कमज़ोर मानकर छोड़ दिया जाता है। वास्तव में यही भाव सबसे अधिक काम करता है: हर दिन। दूसरी भूल इसे भाई-बहनों तक घटाना है, जबकि आज के व्यवहार में इसका अधिकांश काम सूचना और आवागमन है।

भाव जन्म के सटीक समय पर निर्भर हैं: पंद्रह मिनट की त्रुटि भाव-संधियों को कुछ अंश खिसका देती है, दो घंटे की त्रुटि ग्रह को पड़ोसी भाव में ले जाती है। जन्म समय के बिना केवल राशियों में ग्रहों को पढ़ना उचित है।

अन्य भाव

और जानें

कार्य आरंभ करें

AstroWay App में कार्य शुरू करें

मिनटों में अपनी पहली जन्म कुंडली बनाएं। निःशुल्क, सटीक तथा निजी। 7 दिन PRO मुफ़्त में।

कार्य आरंभ करें