- स्वाभाविक राशि
- मकर
- स्वामी
- शनि
- भाव का प्रकार
- कोणीय भाव
- अक्ष
- 10 / 4
भाव किसका विषय है
दसवाँ भाव MC से आरंभ होता है, कुंडली के सबसे ऊपर के बिंदु से। यह जीवन का सार्वजनिक हिस्सा है: पेशा, प्रतिष्ठा, ख्याति, वह जिसके लिए अपरिचित व्यक्ति को जानते हैं। यहाँ किसी पद का नहीं, बल्कि दिशा का वर्णन है: व्यक्ति कहाँ जा रहा है और किसके लिए दिखना स्वीकार करता है।
कुंडली में इसे कैसे पढ़ें
MC पर राशि, उसका स्वामी और दसवें भाव के ग्रह देखें। दसवें का स्वामी और उसका भाव अक्सर MC की राशि से अधिक ठीक क्षेत्र बताते हैं। दसवें भाव का ग्रह सार्वजनिक रूप से प्रकट होता है, इसीलिए यहाँ शनि सहनशीलता पर बने करियर की तरह पढ़ा जाता है।
भाव का अक्ष
अक्ष 10-4 «सार्वजनिक और निजी» है। दसवाँ भाव बाहर खींचता है, चौथा आधार थामता है। केवल दसवें के साथ काम सहारे के बिना प्रतिष्ठा देता है, केवल चौथे के साथ गति के बिना सहारा। व्यवहार में यह देखना उपयोगी है कि व्यक्ति दोनों में से किसे दबाता है।
पढ़ने की सामान्य भूलें
सबसे आम भूल दसवें भाव में कोई निश्चित पेशा खोजना है। भाव ढंग और दिशा बताता है, जबकि विशेषज्ञता का चुनाव कुंडली के कई कारकों और बाहरी परिस्थितियों से बनता है। दूसरी भूल अज्ञात जन्म समय पर MC का उपयोग है।
भाव जन्म के सटीक समय पर निर्भर हैं: पंद्रह मिनट की त्रुटि भाव-संधियों को कुछ अंश खिसका देती है, दो घंटे की त्रुटि ग्रह को पड़ोसी भाव में ले जाती है। जन्म समय के बिना केवल राशियों में ग्रहों को पढ़ना उचित है।