अवलोकन
ग्रहीय घंटे दिन और रात को 12 असमान खंडों में विभाजित करते हैं, जिनमें से प्रत्येक का नियंत्रण ग्रहों द्वारा कालदेय क्रम में होता है: - 12 दिन के घंटे (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) - 12 रात के घंटे (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक) - प्रत्येक घंटे का नियंत्रण: शनि, बृहस्पति, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्रमा (क्रम दोहराया जाता है) - दिन के नियंत्रक का निर्धारण सप्ताह के दिन से होता है - वर्तमान घंटे को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाता है - आपके स्थान के लिए सूर्योदय और सूर्यास्त का सटीक समय - दिनों के बीच नेविगेशन - चुनावी ज्योतिष और जादुई समय निर्धारण के लिए आवश्यक - घंटों की अवधि मौसम और अक्षांश के अनुसार बदलती रहती है
समान उपकरण
अरबी जेरेब
635 अरबी भाग्यशाली संख्याओं के संग्रह — भाग्य, आत्मा, ग्रहीय और विषयगत संख्याएँ।
प्रफेक्शन्स
वार्षिक प्रगति राशि अनुसार — प्रत्येक वर्ष अगला भाव और उसके स्वामी को समय के स्वामी के रूप में सक्रिय करता है।
वेदिक ज्योतिष (ज्योतिष)
सायडीरीय राशिचक्र, आयनाम्सा, विभाजन मानचित्र D1-D60, दक्षिण तथा उत्तर भारतीय स्वरूप।
क्षैतिज कुंडली
एसिमथल मानचित्र — ग्रहों की स्थिति अज़ीमथ और ऊंचाई के अनुसार, कंपास N/S/E/W, क्षितिज के ऊपर दृश्यता।
हार्मोनिक्स
सामंजस्यपूर्ण कार्ड H2–H36, ड्रैगन कुंडली, ग्रहीय घंटे, ग्रहों के प्रवेश तथा ग्रहण कैलेंडर।
जन्म कुंडली
पूर्ण जन्म कुंडली जिसमें ग्रह, भाव, दृष्टियाँ, डेक्लिनेशन, एंटीसिया, अरबी भाग, स्थिर तारे तथा साबियन प्रतीक शामिल हैं।