अवलोकन
हेलियोकेन्द्रित कुंडली — सूर्य को केन्द्र मानकर बनाई गई दृष्टि: - पृथ्वी, सूर्य के स्थान पर एक ग्रह के रूप में दिखाई जाती है - चंद्रमा अनुपलब्ध होता है (वह पृथ्वी की परिक्रमा करता है, सूर्य की नहीं) - भाव अनुपस्थित होते हैं (वे पृथ्वी पर किसी स्थान से जुड़े होते हैं) - दृष्टियाँ हेलियोकेन्द्रित स्थितियों के बीच गिनी जाती हैं - राशिचक्र पहिया जिसमें भाव रेखाएँ नहीं होतीं - स्थितियों की सारणी जिसमें "भाव" स्तम्भ अनुपस्थित होता है - हेलियोकेन्द्रित दृष्टियों के लिए दृष्टि ग्रिड - ग्रह: पृथ्वी, बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेपच्यून, प्लूटो, कीरोन - निर्यात स्वरूप: PNG/PDF
समान उपकरण
आयात / निर्यात
पीएनजी, पीडीएफ, डीओसीएक्स में कुंडलियाँ निर्यात करें। ज़ेट 9 प्रारूप, जेसन तथा सीएसवी फाइलें आयात करें।
जन्म कुंडली
पूर्ण जन्म कुंडली जिसमें ग्रह, भाव, दृष्टियाँ, डेक्लिनेशन, एंटीसिया, अरबी भाग, स्थिर तारे तथा साबियन प्रतीक शामिल हैं।
प्रतीकात्मक दिशाएँ
सूर्य तथा नोड की डायरेक्शन्स एवं कन्वर्स डिग्री — सभी जन्मकालीन बिन्दु समान डिग्री पर चलते हैं।
युति, विरोध, त्रिकोण, केंद्र, षष्ठांश, क्विंटाइल
गैंट जैसा चार्ट जो ट्रांज़िट एस्पेक्ट्स के सटीक क्षण, उनकी अवधि तथा ऑर्बिस के निकट आने/दूर जाने को प्रदर्शित करता है।
हाइलेज / अल्कोकॉडेन / अनारेटा
क्लासिकल तकनीकें जीवनकाल निर्धारण की पтолेमिक — हिलिग, अल्कोकॉडेन, अनारेटा, वाहन, डोरिफोरियस।