अवलोकन
वेदिक (ज्योतिष) ज्योतिष — भारतीय परंपरा की पूर्ण सहायता: - निरयण राशिचक्र जिसमें विषुव अयनांश (प्रेसेशन) शामिल है - 5 अयनांश: लाहिरी, फेगन-ब्रैडली, रामन, के.पी. (कृष्णमूर्ति), ज्वाल खुल - 16 विभाजन कुंडलियाँ (वर्ग): D1-D60 जिसमें प्रमुख नवांश (D9) शामिल है - दक्षिण भारतीय वर्गाकार प्रारूप (निश्चित राशियाँ) - उत्तर भारतीय विषमकोण प्रारूप (निश्चित भाव) - पश्चिमी प्रारूप (पहिया) सामान्य प्रदर्शन के लिए - निरयण स्थिति सारणी - कुंडली शीर्ष में अयनांश मान प्रदर्शित होता है - D-कार्ट सूत्र: सरल (D2 — होरा) से जटिल (D60 — षष्ट्यांश) तक
समान उपकरण
सिनस्ट्रि
तुलनात्मक कुंडलियों के बीच के पहलुओं, कम्पोजिट, डेविसन कुंडली तथा साथी के भावों में ग्रहों की स्थिति की तुलना।
समानान्तर दृष्टियाँ
अंश विक्षेपण के अनुसार — ग्रहों के मध्य समानांतर तथा प्रतिसमानांतर, जो शास्त्रीय अंशों के पूरक हैं।
होरेरी ज्योतिष
वर्तमान समय के लिए होरारी कुंडली बनाएं जिसमें स्वचालित रूप से निर्देशांक निर्धारण और पारंपरिक ग्रह दशाएँ हों।
रचना कुंडली
दोनों जन्म कुंडलियों के मध्यबिंदुओं से निर्मित संबंध कुंडली, जिसमें पूर्ण दृष्टि विश्लेषण एवं व्याख्याएं शामिल हैं।
सौर वापसी
वार्षिक कुंडली उस सटीक क्षण के लिए बनाई जाती है जब जन्म कुंडली में सूर्य की देशांतर स्थिति में लौटता है — जन्म स्थान अथवा वर्तमान स्थान के लिए।
अरबी जेरेब
635 अरबी भाग्यशाली संख्याओं के संग्रह — भाग्य, आत्मा, ग्रहीय और विषयगत संख्याएँ।